कुशीनगर में इन दिनों मौसम का मिजाज लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और रात में सर्द हवाओं के चलते त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है, जिसने स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता बढ़ा दी है।
- कुशीनगर में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
- इस मौसमी बदलाव से त्वचा में रूखापन, खुजली और संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
- जिला अस्पताल व निजी क्लीनिकों में त्वचा रोगियों की भीड़ उमड़ रही है।
- चिकित्सकों ने बचाव के लिए त्वचा को नमीयुक्त रखने और धूप से बचने की सलाह दी है।
- बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में पिछले कुछ समय से मौसम का अप्रत्याशित व्यवहार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जहां एक ओर दिन के समय तीखी धूप त्वचा को झुलसा रही है, वहीं सूर्यास्त के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आती है और रात में सर्द हवाएं चलने लगती हैं। तापमान का यह उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, जबकि रात में यह गिरकर 10-12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे त्वचा के प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ रहा है।
मौसम के इस दोहरे मिजाज के चलते कुशीनगर के अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में त्वचा रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि रूखी त्वचा, खुजली, एक्जिमा और फंगल संक्रमण जैसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज रखें, पर्याप्त पानी पिएं और दिन में सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें। साथ ही, रात में ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की हिदायत भी दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग इन सामान्य सावधानियों का पालन करें, तो त्वचा संबंधी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।