देवरिया जिले के धनौती रेलवे ढाला के अचानक बंद हो जाने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। घंटों तक ढाला बंद रहने के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे आवागमन ठप हो गया।
- धनौती रेलवे ढाला कई घंटों तक पूरी तरह बंद रहा।
- हजारों यात्री, वाहन और स्कूली बच्चे मार्ग पर फंसे रहे।
- वैकल्पिक मार्ग न होने से लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
- स्थानीय व्यापार और दैनिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ा।
- प्रशासन से स्थायी समाधान और बेहतर सूचना तंत्र की मांग उठी।
देवरिया-गोरखपुर रेलखंड पर स्थित धनौती रेलवे ढाला, जो शहर को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, आज सुबह अचानक मरम्मत कार्य के चलते बंद कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने हालांकि पहले से कोई सूचना जारी नहीं की थी, जिसके कारण सुबह से ही ढाले के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मार्ग केवल स्थानीय यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों और छोटे कस्बों के लोगों के लिए भी मुख्य संपर्क सूत्र है, जिसका बंद होना सीधे तौर पर हजारों लोगों को प्रभावित करता है।
ढाला बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों और मरीजों को हुई। कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी नजर आईं, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी बाधित हुईं। छोटे व्यापारी जो रोजाना अपने सामान के साथ शहर आते-जाते हैं, उन्हें भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। लोगों में रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई। उन्होंने मांग की कि इस तरह के रखरखाव कार्यों से पहले पर्याप्त सूचना जारी की जाए और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो। भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास बनाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।