लखनऊ: इंजीनियर की मौत से जुड़े मामले को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई है और नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को उनके पद से हटा दिया गया है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो आज नोएडा पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों, प्रक्रियाओं और परिस्थितियों की समीक्षा करेगा। जांच दल विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं के साथ-साथ मामले से जुड़े सभी बिंदुओं का अध्ययन करेगा ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि घटना किन कारणों से हुई और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
संक्षेप में, इंजीनियर मौत मामले में सरकार ने समयबद्ध जांच के निर्देश देकर और प्रशासनिक बदलाव कर यह संदेश दिया है कि जिम्मेदारी तय करना और तथ्यों को सामने लाना प्राथमिकता है।
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