उत्तर प्रदेश के निचलौल में प्रस्तावित मार्ग चौड़ीकरण परियोजना ने स्थानीय व्यापारियों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यह विकास उनके व्यापार और रोजी-रोटी के लिए बड़ा खतरा बन गया है, जिससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
- निचलौल में सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
- व्यापारियों को अपनी दुकानों और आजीविका के छिन जाने का डर सता रहा है।
- प्रशासन द्वारा उचित मुआवजे या वैकल्पिक व्यवस्था की स्पष्ट योजना का अभाव है।
- विरोध प्रदर्शनों और बैठकों के माध्यम से व्यापारी अपनी आवाज उठा रहे हैं।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था पर परियोजना के नकारात्मक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
निचलौल क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और सुगम आवागमन के उद्देश्य से प्रशासन ने प्रमुख मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव रखा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने की योजना है, जिसमें कई दशकों से स्थापित व्यापारियों की दुकानें भी जद में आ रही हैं। व्यापारियों का तर्क है कि उनकी दुकानें भले ही सरकारी भूमि पर हों, लेकिन वे लंबे समय से यहां व्यापार कर रहे हैं और यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्हें बिना उचित मुआवजे या वैकल्पिक स्थान के विस्थापित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इस परियोजना का सीधा असर निचलौल की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। छोटे और मझोले व्यापारी, जो दशकों से इस मार्ग पर अपनी दुकानें चला रहे हैं, अब अपनी रोजी-रोटी गंवाने के डर से एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि चौड़ीकरण से पहले प्रभावित व्यापारियों के लिए उचित पुनर्वास नीति और पर्याप्त मुआवजे का प्रावधान किया जाए। यदि इस मसले का संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने और विकास कार्यों में बाधा आने की संभावना है। प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद स्थापित कर इस गतिरोध को दूर करना आवश्यक है।