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विधानसभा का शीतकालीन सत्र सफल: अध्यक्ष ने बताया 12 घंटे में 4 विधेयक पारित

राज्य विधानसभा के हालिया शीतकालीन सत्र को विधानसभा अध्यक्ष ने बेहद सफल बताया है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पांच बैठकों में 12 घंटे से अधिक काम हुआ और चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए।

मुख्य पॉइंट
  • विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र की विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
  • सत्र में कुल पांच कार्यदिवस थे, जिनमें 12 घंटे से अधिक विधायी कार्य हुआ।
  • इस दौरान जनहित से संबंधित चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए।
  • अध्यक्ष ने सत्र को उत्पादक और अनुशासित बताया, सदस्यों के सहयोग की सराहना की।
  • पारित विधेयकों का उद्देश्य राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों को गति देना है।
विधानसभा का शीतकालीन सत्र सफल: अध्यक्ष ने बताया 12 घंटे में 4 विधेयक पारित

विधानसभा अध्यक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शीतकालीन सत्र के समापन के बाद उसका पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह सत्र भले ही संक्षिप्त था, लेकिन इसकी उत्पादकता उम्मीद से कहीं ज़्यादा रही। अध्यक्ष ने सदन के सभी सदस्यों को इस सफलता का श्रेय दिया, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर महत्वपूर्ण विधेयकों पर गहन चर्चा की और उन्हें समय पर पारित करने में सहयोग किया। इन विधेयकों का मसौदा पहले से तैयार था और उन पर स्थायी समितियों में पर्याप्त विचार-विमर्श हो चुका था, जिससे सदन में प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा सकी।

इस सत्र में पारित किए गए चार विधेयकों का सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ेगा। इनमें से कुछ विधेयक शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से संबंधित थे, जिनका उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि ये नए कानून राज्य के विकास को नई दिशा देंगे और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएंगे। इस प्रकार के कुशल विधायी कार्य से यह संदेश जाता है कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है, जिससे जनता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास और मज़बूत होगा। आने वाले समय में इन कानूनों के क्रियान्वयन पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहेगा।

Summary
संक्षेप में, विधानसभा के शीतकालीन सत्र ने कम समय में अधिकतम विधायी कार्य करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे राज्य के विकास और जन कल्याण के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। यह सत्र कुशल और प्रभावी शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोत
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