राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से मुकाबले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर अत्याधुनिक मिस्ट सिस्टम का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य धूल और प्रदूषण कणों को नियंत्रित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'क्लियर एयर-क्लीन दिल्ली' के अपने संकल्प को एक बार फिर दोहराया।
- IGI एयरपोर्ट पर 120 स्प्रे यूनिट वाले मिस्ट सिस्टम का उद्घाटन किया गया।
- यह प्रणाली वायु में मौजूद धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने में सहायक होगी।
- मुख्यमंत्री ने 'क्लियर एयर-क्लीन दिल्ली' के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया।
- यह पहल दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
- इस तकनीक से हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण, विशेषकर निर्माण गतिविधियों और वाहनों से निकलने वाली धूल, एक गंभीर और सतत चुनौती बनी हुई है। सर्दियों के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है। इसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और संबंधित प्राधिकरण लगातार प्रयासरत हैं। IGI एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण और अत्यधिक आवागमन वाले स्थान पर इस तरह के मिस्ट सिस्टम की स्थापना, प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक वैज्ञानिक और प्रभावी कदम है, जो हवा में मौजूद महीन कणों को नीचे बिठाकर वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
यह अत्याधुनिक मिस्ट सिस्टम हवा में पानी की सूक्ष्म बूंदों का छिड़काव करेगा, जो धूल और अन्य प्रदूषक कणों से चिपककर उन्हें जमीन पर बिठा देगी, जिससे हवा साफ होगी। IGI एयरपोर्ट जैसे बड़े और व्यस्त क्षेत्र में जहां वाहनों का आवागमन और निर्माण कार्य जारी रहता है, यह प्रणाली स्थानीय वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार ला सकती है। उम्मीद है कि इस तरह की पहल शहर के अन्य प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट पर भी लागू की जाएगी, जिससे दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा का अधिकार मिल सके। यह मुख्यमंत्री के 'क्लियर एयर-क्लीन दिल्ली' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी छलांग है।