लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।
- लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने फीस वृद्धि के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग की।
- छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के फीस बढ़ाई है।
- प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों का आक्रोश दिख रहा है।
- विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक छात्रों की मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पिछले कुछ समय से शिक्षा संस्थानों में फीस वृद्धि का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। इसी कड़ी में लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल ही में कई स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में अप्रत्याशित वृद्धि की घोषणा की थी। छात्रों का कहना है कि यह वृद्धि उनके लिए आर्थिक रूप से असहनीय है, खासकर ऐसे समय में जब कई परिवार पहले से ही वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। विभिन्न छात्र संगठनों ने पहले भी इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने के कारण छात्रों को अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
छात्रों के इस प्रदर्शन से विश्वविद्यालय प्रशासन पर तत्काल दबाव बढ़ गया है कि वे फीस वृद्धि के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। यदि प्रशासन जल्द ही कोई समाधान नहीं निकालता है, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है, जिससे न केवल शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा, बल्कि विश्वविद्यालय की छवि को भी नुकसान पहुंच सकता है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। यह घटना अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक सबक है कि छात्रों की चिंताओं और आर्थिक बोझ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावना है।