Daily Inspire

गोरखपुर एम्स नौकरी घोटाला: पूर्व ईडी के बेटों को पद दिलाने में कई एचओडी जांच के घेरे में

गोरखपुर एम्स में नौकरी दिलाने के एक गंभीर मामले ने संस्थान में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व कार्यकारी निदेशक (ईडी) के बेटों को कथित तौर पर अनुचित तरीके से पद दिलाने के आरोप में कई विभागाध्यक्ष (एचओडी) जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। यह मामला पारदर्शिता और योग्यता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य पॉइंट
  • एम्स गोरखपुर में पूर्व ईडी के बेटों को नौकरी दिलाने का मामला गरमाया।
  • संस्थान के कई विभागाध्यक्षों पर जांच एजेंसियों की पैनी नजर।
  • आरोप है कि नियुक्तियों में पद का दुरुपयोग और अनियमितताएं बरती गईं।
  • मामले की गहन जांच से एम्स की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
  • इस प्रकरण से संस्थान की छवि को गहरा धक्का लगने की आशंका है।
गोरखपुर एम्स नौकरी घोटाला: पूर्व ईडी के बेटों को पद दिलाने में कई एचओडी जांच के घेरे में

गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जहां गुणवत्ता और पारदर्शिता की उम्मीद की जाती है। हालांकि, हाल ही में सामने आए एक मामले ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। आरोप है कि संस्थान के एक पूर्व कार्यकारी निदेशक के बेटों को नौकरी दिलाने में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ विभागाध्यक्षों ने कथित तौर पर अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब आंतरिक शिकायतों और प्रारंभिक जांच में कुछ गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई है।

इस मामले का एम्स गोरखपुर पर व्यापक असर पड़ना तय है। एक ओर जहां संस्थान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, वहीं दूसरी ओर योग्य और मेहनती उम्मीदवारों का मनोबल भी टूट सकता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इसमें शामिल विभागाध्यक्षों को कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह घटना भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों पर दबाव डालेगी। स्थानीय स्तर पर भी इस खबर से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है और वे निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास कायम रह सके।

Summary
एम्स गोरखपुर में पूर्व ईडी के बेटों को नौकरी दिलाने के मामले में कई एचओडी का रडार पर आना संस्थान में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। इस गंभीर प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई से ही सार्वजनिक संस्थानों में जनता का विश्वास बहाल हो पाएगा।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोत
Thanks for reading!

Post a Comment

Previous Post Next Post

Sponsored Partners - Desh Disha

Desh Disha - Partner Headlines
Sponsored

Partner Headlines

Contact for promotion: ads@deshdisha.in
Loading ads…