कुशीनगर जिले में किसानों को वसंतकालीन बुआई के महत्व और उन्नत तकनीकों से अवगत कराने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान का आगाज हुआ है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार लाने के लिए प्रेरित करना है।
- कुशीनगर में वसंत कालीन बुआई जागरूकता अभियान की शुरुआत।
- किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों की बुआई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष जोर।
- अभियान का लक्ष्य किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना।
- कृषि विभाग और स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भागीदारी।
रबी की फसल कटाई के बाद अक्सर खेत खाली रह जाते हैं, जिससे भूमि का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। इसी समस्या को दूर करने और किसानों को वर्ष भर खेती से जोड़े रखने के लिए वसंत कालीन बुआई जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण है। इस अवधि में मूंग, उड़द, मक्का, सूरजमुखी जैसी कम अवधि की फसलें बोई जा सकती हैं, जो भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक होती हैं। यह अभियान किसानों को ऐसी फसलों के चयन, सही बुआई विधि और कीट नियंत्रण के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करेगा।
इस जागरूकता अभियान से कुशीनगर के किसानों को दोहरा लाभ मिलने की उम्मीद है। एक ओर जहां वे अपनी खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर पाएंगे, वहीं दूसरी ओर दलहनी फसलों के माध्यम से भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। आधुनिक कृषि पद्धतियों और उन्नत बीजों के प्रयोग से फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा, जिससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।