देश में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग एक बार फिर सक्रिय हो गया है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत, हर मतदान केंद्र पर मसौदा मतदाता सूची को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया जा रहा है, ताकि नागरिक अपने नाम की पुष्टि कर सकें और आवश्यक सुधार करवा सकें।
- मसौदा मतदाता सूची का वाचन हर बूथ पर जारी है।
- चुनाव आयोग ने सार्वजनिक सूचना नोटिस का प्रारूप जारी किया।
- नागरिकों को नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने का अवसर मिल रहा है।
- अभियान का उद्देश्य त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है।
- यह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।
लोकतंत्र की नींव मजबूत करने और आगामी चुनावों में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान को गति दी है। इस प्रक्रिया के तहत, सभी मतदान केंद्रों पर मसौदा मतदाता सूची को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम मतदाताओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारी की जांच करने, किसी भी त्रुटि को ठीक करने या नए नाम जोड़ने/हटाने का सीधा अवसर प्रदान करता है, जिससे अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह से अद्यतन और सटीक बन सके।
इस पहल से स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। आयोग द्वारा जारी नोटिस का प्रारूप यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिकों को आवेदन जमा करने और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सके। यह पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा, जिससे फर्जी नामों या छूटे हुए पात्र मतदाताओं की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में, इस अभियान के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, एक अद्यतन और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार होगी, जो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों की आधारशिला बनेगी। यह प्रक्रिया आगामी चुनावी रण के लिए एक मजबूत और त्रुटिरहित आधार तैयार करेगी।