शिलांग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। एक ट्रैफिक होमगार्ड को एक कार चालक से कथित तौर पर 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह घटना राज्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ईमानदारी पर सवाल खड़े करती है और अधिकारियों को सतर्क रहने का संदेश देती है।
- शिलांग में एक ट्रैफिक होमगार्ड को 15,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।
- होमगार्ड ने एक कार मालिक से कथित तौर पर यातायात उल्लंघन के बहाने अवैध वसूली की।
- पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी होमगार्ड के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- इस घटना से राज्य पुलिस और होमगार्ड बल में पारदर्शिता की मांग उठी है।
यह घटना शिलांग के व्यस्ततम इलाकों में से एक में हुई, जहां ट्रैफिक होमगार्ड अपनी ड्यूटी पर तैनात था। बताया जा रहा है कि होमगार्ड ने किसी कथित यातायात उल्लंघन के बहाने एक कार चालक को रोका और उससे जुर्माना अदा करने के बजाय, व्यक्तिगत रूप से 15,000 रुपये की मांग की। चालक ने इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों से की, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक योजना बनाई और होमगार्ड को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। यह घटना दर्शाती है कि आम जनता अभी भी भ्रष्टाचार से त्रस्त है, लेकिन अब वे इसके खिलाफ आवाज उठाने से डरते नहीं हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है।
इस गिरफ्तारी से शिलांग में यातायात पुलिस और होमगार्ड कर्मियों के बीच व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कम होंगी। पुलिस विभाग पर अब यह दबाव है कि वह अपने कर्मियों की ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए और अधिक कड़े कदम उठाए। इस घटना से अन्य भ्रष्ट अधिकारियों को भी एक कड़ा संदेश मिलेगा कि उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आगे चलकर, विभाग को अपने कर्मियों के लिए नियमित नैतिकता और भ्रष्टाचार विरोधी प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने पर विचार करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जनता का विश्वास बहाल हो सके।