रेलवे में फर्जी भर्ती के बड़े घोटाले के मास्टरमाइंड पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसा है। सुबह-सुबह ED की टीम ने आरोपी के घर पर धावा बोला और घंटों तक महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छानबीन की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की जा रही है।
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेलवे फर्जी भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड के घर पर छापा मारा।
- टीम सुबह सात बजे दो गाड़ियों से मौके पर पहुंची और लगातार आठ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
- जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खाते के विवरण और डिजिटल साक्ष्य खंगाले गए।
- यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।
- घोटाले में बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है।
यह मामला रेलवे में ग्रुप-डी और अन्य पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर देश भर के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने से जुड़ा है। फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण के झांसे और नकली परीक्षा आयोजित कर मास्टरमाइंड ने एक सुनियोजित नेटवर्क तैयार किया था। ED की जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य घोटाले से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाना, उसे जब्त करना और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करना है। इस गिरोह ने भोले-भाले युवाओं के सपनों का सौदा किया, जिससे कई परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया।
ED की यह कार्रवाई घोटाले की जड़ों तक पहुंचने और इसमें शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल से मास्टरमाइंड के सहयोगियों, उसके वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत का खुलासा होने की उम्मीद है। इस छापेमारी से न केवल अन्य आरोपियों पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि ऐसे फर्जीवाड़े में लिप्त अन्य गिरोहों को भी कड़ा संदेश जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की दिशा में यह जांच एक अहम मोड़ साबित हो सकती है, जिससे भविष्य में ऐसे धोखेबाजों पर लगाम लग सकेगी और युवाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।