लखनऊ के एक प्रमुख अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग की एक लंबे समय से बंद पड़ी अलमारी से करीब तीन लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुई हैं, जिसने अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
- लखनऊ के एक सरकारी अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में यह घटना सामने आई।
- एक बंद अलमारी से लगभग तीन लाख रुपये की दवाएं बरामद हुईं।
- दवाओं की पहचान यूरोलॉजी से संबंधित महत्वपूर्ण औषधियों के रूप में हुई।
- यह मामला अस्पताल के आंतरिक ऑडिट के दौरान उजागर हुआ।
- दवाओं के भंडारण और उपयोग में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
यह चौंकाने वाली घटना तब सामने आई जब अस्पताल प्रशासन ने अपने विभिन्न विभागों में एक आंतरिक स्टॉक सत्यापन अभियान शुरू किया। यूरोलॉजी विभाग में लंबे समय से बंद पड़ी एक अलमारी को खोला गया, तो अंदर बड़ी संख्या में एक्सपायरी डेट के करीब या एक्सपायर हो चुकी दवाएं मिलीं। इन दवाओं का मूल्य तीन लाख रुपये से अधिक आंका गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दवाएं मरीजों को वितरित नहीं की गईं और न ही इनका सही तरीके से भंडारण किया गया था, जिससे इनकी उपयोगिता समाप्त हो गई।
इस घटना ने अस्पताल के दवा प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों को समय पर दवाएं न मिलने और दूसरी तरफ लाखों की दवाओं के यूं ही बर्बाद होने से आम जनता में रोष है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही है। यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह सिर्फ एक विभाग का मामला नहीं हो सकता, बल्कि अन्य विभागों में भी ऐसी अनियमितताएं हो सकती हैं। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग को अपनी आपूर्ति श्रृंखला और स्टॉक प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने की चुनौती मिली है।