मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
- गोरखपुर में देर रात से हो रही झमाझम बारिश।
- शहर के कई प्रमुख इलाकों में गंभीर जलभराव।
- निचली बस्तियों और कॉलोनियों में पानी घुसने की समस्या।
- यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित, कई सड़कें बंद।
- नगर निगम और प्रशासन पर निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल।
पिछले 24 घंटों से गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। देर रात से शुरू हुई यह बारिश सुबह तक थमने का नाम नहीं ले रही थी, जिसके परिणामस्वरूप शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों, गलियों और यहां तक कि घरों में भी पानी भर गया है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठप पड़ गया है। यह स्थिति हर साल मानसून के दौरान सामने आती है, जो शहरी नियोजन और जल निकासी प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है।
जलभराव के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मुख्य सड़कों जैसे गोलघर, बैंक रोड, घंटाघर और रेलवे स्टेशन रोड पर घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही लगभग रुक गई है। स्कूली बच्चों और कार्यालय जाने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि कुछ बच्चे आधे रास्ते से ही घर लौटने को मजबूर हुए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जल निकासी के लिए किए गए दावे खोखले साबित हुए हैं, और यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं हुई तो स्थिति और विकट हो सकती है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा।