गोरखपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां ब्रह्मपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक अधिकारी का शव गोर्रा नदी में उतराता हुआ मिला। इस रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
- ब्रह्मपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) रवि शंकर त्रिपाठी का शव गोर्रा नदी में मिला।
- स्थानीय मछुआरों ने सुबह शव को नदी में उतराते हुए देखा और पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मौत के कारणों पर सस्पेंस।
- परिवारजनों और सहकर्मियों ने हत्या की आशंका जताई, जबकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
- घटना के बाद से स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण दहशत में हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सीएचओ रवि शंकर त्रिपाठी का शव मंगलवार सुबह गोर्रा नदी में उतराता हुआ पाया गया। नदी किनारे मौजूद कुछ मछुआरों ने सबसे पहले इस भयावह दृश्य को देखा और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में शव पर बाहरी चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत के कारणों को लेकर रहस्य और गहरा गया है। पुलिस ने शव की शिनाख्त रवि शंकर त्रिपाठी के रूप में की और उनके परिवारजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
सीएचओ की रहस्यमयी मौत से गोरखपुर का स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदाय स्तब्ध है। रवि शंकर त्रिपाठी के सहकर्मियों ने उनकी मौत को एक बड़ी क्षति बताया है और घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, मृतक के फोन कॉल रिकॉर्ड्स की जांच, उनके अंतिम समय की गतिविधियों और किसी भी संभावित विवाद की पड़ताल शामिल है। स्थानीय लोगों और परिवारजनों ने पुलिस से निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को पकड़ने की मांग की है। इस घटना ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।