शहर में 'सीजेपी' (Citizens for Justice and Peace) द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप 118 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों से मुलाकात की और उनका हाल जाना।
- सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए।
- घायलों में कई को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है।
- पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल में घायल जवानों से मिलकर उनका मनोबल बढ़ाया।
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़ की, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।
- पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
यह घटना बुधवार शाम को हुई जब 'सीजेपी' नामक संगठन ने शहर के मुख्य चौराहे पर किसी विशिष्ट मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। शुरुआत में शांतिपूर्ण दिख रहा यह प्रदर्शन जल्द ही उग्र हो गया जब कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को भी निशाना बनाया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए, लेकिन पुलिसकर्मियों की संख्या कहीं अधिक थी।
इस हिंसक झड़प के बाद शहर में तनाव का माहौल है, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने घायल जवानों से मुलाकात के दौरान उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और प्रशासन अब भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से निपटने के लिए नई रणनीति पर विचार कर रहा है ताकि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करते हुए हिंसा को रोका जा सके।