राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय अप्रत्याशित और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की चपेट में है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। घरों में साधारण पंखे भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे लोग राहत के लिए वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं।
- दिल्ली में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है।
- साधारण पंखे और छोटे एयर कूलर गर्मी से राहत देने में विफल हो रहे हैं।
- बाजारों में एयर कूलरों की मांग में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है।
- कूलर विक्रेताओं ने बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए दामों में 20-30% तक की वृद्धि की है।
- आम आदमी के लिए गर्मी से मुकाबला करना अब और भी महंगा हो गया है।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने लगातार कई दिनों तक 'हीटवेव' और 'गंभीर हीटवेव' की चेतावनी जारी की है, जिससे शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडरा रहा है। सुबह से ही सूरज की तपिश इतनी बढ़ जाती है कि दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। घरों के अंदर भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल रही है, जिससे साधारण पंखे पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं और लोग लगातार पसीने से तरबतर हो रहे हैं।
गर्मी की इस मार ने दिल्लीवासियों की जेब पर भी सीधा असर डाला है। पंखों के विफल होने और एयर कंडीशनर की महंगी लागत के चलते मध्यम वर्ग के लोग अब एयर कूलरों की ओर रुख कर रहे हैं। इस अचानक बढ़ी मांग का फायदा उठाते हुए स्थानीय बाजारों में कूलर विक्रेताओं ने दाम 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। एक तरफ जहां लोग गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ राहत के लिए उन्हें अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है, जिससे कूलरों की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ेंगी।