मुंबई में काम करने वाले या वहां से वापस लखनऊ आने की चाहत रखने वाले यात्रियों के लिए इन दिनों सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट ने हजारों लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं, जिससे घर वापसी का सपना दूर होता दिख रहा है।
- मुंबई से लखनऊ आने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 300-400 तक पहुंच गई है।
- हजारों यात्री, खासकर श्रमिक वर्ग, मुंबई में फंसे हुए हैं और वापसी नहीं कर पा रहे।
- तत्काल टिकटों की अनुपलब्धता और प्रीमियम दरों ने समस्या और बढ़ाई है।
- यात्रियों को आर्थिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
- बस या हवाई यात्रा जैसे महंगे विकल्पों पर विचार करने को मजबूर हैं।
दरअसल, यह स्थिति त्योहारी सीजन के बाद या छुट्टियों के अंत में अक्सर देखने को मिलती है, जब मुंबई जैसे बड़े शहरों से लोग अपने गृह नगर लौटते हैं। लखनऊ और आसपास के जिलों के हजारों लोग मुंबई में नौकरी या व्यवसाय करते हैं। वापसी के लिए ट्रेनों पर उनकी निर्भरता सबसे अधिक होती है, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ और सीमित सीटों के कारण वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ रही है। सामान्य दिनों में भी इन रूट्स पर भीड़ रहती है, लेकिन मौजूदा हालात ने यात्रियों की चिंताएं कई गुना बढ़ा दी हैं।
इस स्थिति का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो अपने कमाने वाले सदस्यों का इंतजार कर रहे हैं। कई यात्रियों को मुंबई में अतिरिक्त समय बिताना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और उनकी छुट्टियों का कोटा भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की स्कूल वापसी या काम पर समय से न पहुंचने की चिंता भी सता रही है। रेलवे को इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने या मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने पर विचार करना चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है।