महराजगंज के सेवतरी गांव के निवासियों ने सरकारी मदद का इंतजार किए बिना अपनी समस्या का समाधान खुद ढूंढ निकाला। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर गांव की अवरुद्ध नालियों की सफाई कराई, जिससे गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
- महराजगंज के सेवतरी गांव में ग्रामीणों ने मिलकर नालियों की सफाई का जिम्मा उठाया।
- सरकारी सहायता में देरी के कारण ग्रामीणों ने चंदा जुटाने का फैसला किया।
- अभियान के तहत गांव की मुख्य नालियों को गाद और कचरे से मुक्त किया गया।
- इस पहल से गांव में जलभराव की समस्या कम हुई और बीमारियों का खतरा टला।
- ग्रामीणों की यह एकजुटता अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनी है।
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सेवतरी गांव में पिछले कई महीनों से नालियां गंदगी और गाद से अटी पड़ी थीं। बरसात के मौसम में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती थी, जिससे गलियों में पानी भर जाता और आवागमन बाधित होता था। स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। ऐसे में गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर एक बैठक की और तय किया कि वे अब सरकारी मदद का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि स्वयं अपनी समस्या का समाधान करेंगे।
ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल का असर पूरे गांव में साफ दिखाई दे रहा है। नालियों की सफाई के बाद अब गलियों में पानी का जमाव नहीं होता, जिससे मच्छर और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा काफी कम हो गया है। इस घटना ने न केवल सेवतरी गांव में स्वच्छता का माहौल बनाया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि जनभागीदारी से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है। उम्मीद है कि यह उदाहरण स्थानीय प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक करेगा और भविष्य में ऐसी नौबत नहीं आएगी। यह पहल अन्य गांवों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जहां ग्रामीण एकजुट होकर अपनी समस्याओं को हल कर सकते हैं।