गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने छोटे भूखंडों पर निर्माण करने वाले नागरिकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब ऐसे निर्माणों को नक्शा स्वीकृति की लंबी प्रक्रिया से छूट मिलेगी, लेकिन पारदर्शिता और रिकॉर्ड के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- छोटे आवासीय भूखंडों पर निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति की अनिवार्यता समाप्त।
- गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा नागरिकों को प्रक्रियागत राहत प्रदान की गई।
- निर्माण शुरू करने से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
- यह कदम निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देगा।
- इससे नागरिकों का समय और पैसा दोनों बचेगा, साथ ही पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
यह निर्णय उन लाखों नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने छोटे आवासीय भूखंडों पर मकान बनाने की योजना बना रहे थे। पहले, प्रत्येक निर्माण, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, उसे गोरखपुर विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना पड़ता था। इस प्रक्रिया में अक्सर समय लगता था, जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और वित्तीय बोझ उठाना पड़ता था। नए नियम का उद्देश्य इसी जटिलता को कम करना और छोटे निर्माणों के लिए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि शहर में नियोजित विकास को गति मिल सके।
इस फैसले का सीधा असर शहर में छोटे पैमाने पर होने वाले निर्माण कार्यों पर पड़ेगा। जहां एक ओर नागरिकों को प्राधिकरण के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता से अवैध निर्माणों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण को भी छोटे मामलों से मुक्ति मिलेगी और वह बड़े विकास परियोजनाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएगा। यह कदम सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) पहल के अनुरूप है, जो नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करने पर केंद्रित है। अब प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऑनलाइन पोर्टल सुचारु रूप से काम करे और नागरिकों को पंजीकरण प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो।