महाराजगंज जिले में रसोई गैस की आपूर्ति में गंभीर व्यवधान के कारण उपभोक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सिलेंडर की कमी ने दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे परिवारों को खाना पकाने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
- महाराजगंज में पिछले कई दिनों से रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत है।
- उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति अनियमितता से लोग परेशान हैं।
- कालाबाजारी और अधिक दाम पर सिलेंडर बेचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
- स्थानीय प्रशासन और गैस कंपनियों से तत्काल समाधान की मांग की जा रही है।
महाराजगंज जिले में रसोई गैस की मौजूदा किल्लत कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। वितरकों का कहना है कि डिपो से ही पर्याप्त मात्रा में सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण वे उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में असमर्थ हैं। इस आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का सीधा असर घरों में पड़ रहा है, जहां गृहिणियों को खाली सिलेंडर लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई बार तो खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
रसोई गैस की इस किल्लत का असर केवल घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे भोजनालयों, चाय की दुकानों और अन्य स्थानीय व्यवसायों पर भी पड़ रहा है जो गैस पर निर्भर हैं। कई परिवार मजबूरन लकड़ी या मिट्टी के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उपभोक्ताओं में प्रशासन और संबंधित गैस कंपनियों के प्रति गहरा आक्रोश है, और वे इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौट सके।