महराजगंज और नेपाल सीमा पर यात्रियों से अवैध वसूली का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों को दलालों के चंगुल से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां बुकिंग के नाम पर उनसे मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
- महराजगंज सीमावर्ती क्षेत्रों में दलालों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है।
- ये दलाल नेपाल जाने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर अवैध वसूली करते हैं।
- बुकिंग या वाहन व्यवस्था के बहाने यात्रियों से तय किराए से अधिक पैसे लिए जाते हैं।
- प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे यह गोरखधंधा बेरोकटोक चल रहा है।
- यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ रहा है।
महराजगंज जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा, विशेषकर सोनौली और उसके आसपास के चेकपॉइंट्स पर, दलालों का नेटवर्क पिछले काफी समय से सक्रिय है। ये दलाल मुख्य रूप से उन भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को निशाना बनाते हैं जो पहली बार नेपाल जा रहे होते हैं या जिन्हें स्थानीय परिवहन व्यवस्था की जानकारी कम होती है। उन्हें नेपाल में टैक्सी, बस या होटल बुकिंग का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया जाता है और फिर मनमाने दाम वसूले जाते हैं। अक्सर, उन्हें मिली सेवाएं वादों से बिल्कुल अलग और घटिया होती हैं, जिससे यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है।
इस अवैध वसूली से न केवल यात्रियों को आर्थिक चपत लग रही है, बल्कि यह भारत-नेपाल संबंधों और सीमावर्ती क्षेत्रों की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यह स्थिति पर्यटन को हतोत्साहित करती है और सीमा पार व्यापार व आवागमन को भी प्रभावित कर सकती है। स्थानीय प्रशासन और सीमा सुरक्षा बलों की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते इस समस्या पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि दलालों के इस सिंडिकेट को तोड़ा जा सके।