लखनऊ में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर एक नया ठगी का जाल बिछाया गया है। जालसाज परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने का झूठा दावा कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की है।
- लखनऊ में एसआई भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी का मामला सामने आया।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र बेचने का फर्जी विज्ञापन दिया जा रहा है।
- जालसाज उम्मीदवारों से अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं।
- पुलिस ने ऐसे फर्जी दावों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
- साइबर क्राइम टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में लखनऊ में यह बात सामने आई है कि कुछ शातिर अपराधी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर एसआई भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने का झांसा दे रहे हैं। ये जालसाज विभिन्न ऑनलाइन ग्रुप्स और फेक प्रोफाइल्स के माध्यम से अभ्यर्थियों को लुभाते हैं, उनसे संपर्क साधते हैं और फिर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने का प्रयास करते हैं। यह प्रवृत्ति अक्सर बड़ी परीक्षाओं के समय देखने को मिलती है, जब उम्मीदवार किसी भी कीमत पर सफलता पाना चाहते हैं।
इस तरह के फर्जीवाड़े का सीधा असर न केवल उम्मीदवारों के वित्त पर पड़ता है, बल्कि यह उनके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य की उम्मीदों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। एक बार ठगे जाने के बाद, कई अभ्यर्थी हताश हो जाते हैं और उनका सरकारी नौकरी के प्रति विश्वास डगमगा जाता है। स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ऐसे जालसाजों की पहचान कर उन पर नकेल कसने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या ग्रुप के ऐसे दावों पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी या भुगतान करने से बचें। जागरूकता ही इस प्रकार की ठगी से बचने का एकमात्र उपाय है।