देवरिया में आम जनता रसोई गैस सिलिंडर के लिए तरस रही है। आधिकारिक गोदामों में स्टॉक नहीं है, वहीं खुले बाजार में एक सिलिंडर ढाई हजार रुपये में बिक रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
- देवरिया के गैस गोदामों में सिलिंडरों का स्टॉक लगभग खत्म।
- उपभोक्ताओं को आधिकारिक दरों पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
- खुले बाजार में एक रसोई गैस सिलिंडर 2500 रुपये तक में बिक रहा है।
- कालाबाजारी के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित।
- प्रशासन की ढिलाई पर सवाल उठ रहे हैं।
देवरिया जिले में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गैस एजेंसियों के गोदामों में सिलिंडरों का स्टॉक न के बराबर बचा है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं और वे ऊंचे दामों पर सिलिंडर बेच रहे हैं। यह कालाबाजारी खुलेआम चल रही है, लेकिन प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में विफल दिख रहा है।
सिलिंडर की इस कालाबाजारी का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। त्योहारों और शादियों के इस मौसम में रसोई गैस की अनुपलब्धता ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ढाई हजार रुपये में सिलिंडर खरीदना उनके बजट से बाहर है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन लकड़ी या अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है और आम जनता का गुस्सा कभी भी फूट सकता है।