शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं। यातायात पुलिस ने 'हैंडी कैम' के इस्तेमाल से निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे रेड लाइट जंप और ओवरस्पीडिंग जैसी मनमानी पर लगाम कसी जा सकेगी।
- यातायात पुलिस अब 'हैंडी कैम' का इस्तेमाल करेगी।
- रेड लाइट जंप और ओवरस्पीडिंग पर विशेष ध्यान।
- उल्लंघन करने वालों की मौके पर ही रिकॉर्डिंग।
- चालान सीधे घर भेजे जाएंगे या तुरंत काटे जाएंगे।
- सड़क हादसों में कमी लाने का लक्ष्य।
लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि शहरों की सड़कों पर कुछ चालक ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ घूमते हैं। खासकर रेड लाइट जंप करने और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति आम हो चली थी, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। पारंपरिक तरीकों से ऐसे सभी उल्लंघनों पर नजर रख पाना मुश्किल हो रहा था, जिससे कई बार अपराधी बच निकलते थे। इसी समस्या से निपटने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह नई पहल की जा रही है।
इस नई व्यवस्था से सड़कों पर अनुशासन बढ़ने की उम्मीद है। चालकों को अब हर चौराहे और सड़क पर पुलिस की पैनी नजर का अहसास होगा, जिससे वे नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे। इससे न सिर्फ यातायात का प्रवाह सुधरेगा, बल्कि हादसों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। पुलिस विभाग का मानना है कि 'हैंडी कैम' की मदद से मिले पुख्ता सबूत चालान प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएंगे, जिससे किसी भी तरह की बहस या विवाद की गुंजाइश कम होगी। यह कदम एक सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात प्रणाली की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।