कुशीनगर जिले के रामपुर बुजुर्ग गांव में ग्रामीणों का पंचायत भवन पर धरना दूसरे दिन भी जारी है। स्थानीय लोग पेयजल संकट, खस्ताहाल सड़कों और मनरेगा भुगतान में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
- कुशीनगर के रामपुर बुजुर्ग गांव में ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी।
- पेयजल संकट, टूटी सड़कें और मनरेगा भुगतान में अनियमितता मुख्य मुद्दे।
- पंचायत भवन के सामने बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान डटे हुए हैं।
- प्रदर्शनकारियों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल मुलाकात और समस्या समाधान की मांग की।
- प्रशासन की ओर से अभी तक कोई निर्णायक कार्रवाई या आश्वासन नहीं मिला है।
यह धरना कुशीनगर जिले के रामपुर बुजुर्ग ग्राम पंचायत में पिछले कई महीनों से चली आ रही मूलभूत समस्याओं का परिणाम है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या है, अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं और स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, गांव की मुख्य सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है, जिससे मजदूरों में भारी असंतोष है। इन मुद्दों को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।
इस धरने के कारण गांव में तनाव का माहौल है, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करेंगे। स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि मामला दूसरे दिन भी अनसुलझा है और ग्रामीणों का दृढ़ संकल्प बरकरार है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकलता है, तो यह धरना और उग्र रूप ले सकता है, जिससे क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। संभावना है कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेंगे और ग्रामीणों से बातचीत कर कोई रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे, ताकि गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।