कुशीनगर जिले के एक गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने अब इस बदहाल भवन के तत्काल पुनर्निर्माण की पुरजोर मांग की है। यह मांग बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ी है।
- कुशीनगर के रामनगर गांव में प्राथमिक विद्यालय का भवन अत्यधिक जर्जर हो चुका है।
- भवन की छतें और दीवारें टूट रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
- स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की है।
- बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए यह मांग महत्वपूर्ण है।
- कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कुशीनगर के रामनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय का यह भवन करीब चालीस साल पुराना बताया जा रहा है। रखरखाव के अभाव और समय पर मरम्मत न होने के कारण यह धीरे-धीरे जर्जर होता चला गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से इस भवन की स्थिति दयनीय है और इसकी मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। हालांकि, हर बार केवल आश्वासन ही मिला और धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप अब यह भवन बच्चों के लिए पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है।
इस जर्जर भवन के कारण बच्चों को खुले में या वैकल्पिक व्यवस्थाओं के तहत पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे उनकी शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है और वे किसी भी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित और उचित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।