कुशीनगर जिले में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची में एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। एक गांव की वोटर लिस्ट में दूसरे गांव के दर्जनों लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। इस चूक को लेकर तत्काल कार्रवाई और गहन जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
- कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई।
- एक ग्राम पंचायत की सूची में पड़ोसी गांव के लोगों के नाम शामिल पाए गए।
- ग्रामीणों ने इस गंभीर त्रुटि पर तत्काल संज्ञान लेने और सुधार की मांग की है।
- आशंका है कि यह गड़बड़ी चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
- जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की अपील की गई है।
यह मामला कुशीनगर के हाटा ब्लॉक अंतर्गत एक ग्राम पंचायत का है, जहां पुनरीक्षण के बाद जारी हुई मतदाता सूची में चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। स्थानीय निवासियों ने पाया कि उनके गांव की वोटर लिस्ट में सिर्फ उनके गांव के ही नहीं, बल्कि पास के दूसरे गांव के लगभग 50 से अधिक मतदाताओं के नाम भी जोड़ दिए गए हैं। यह त्रुटि तब प्रकाश में आई जब कुछ जागरूक ग्रामीणों ने नई सूची का बारीकी से अध्ययन किया और नामों का मिलान करना शुरू किया। इस प्रकार की लापरवाही चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाती है।
इस गड़बड़ी का सीधा असर आगामी स्थानीय चुनावों की निष्पक्षता पर पड़ सकता है। यदि यह त्रुटि समय रहते दूर नहीं की गई, तो मतदान के दिन भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और फर्जी मतदान की आशंका भी बढ़ जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह केवल एक मानवीय भूल नहीं, बल्कि किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर की गई हेराफेरी हो सकती है ताकि चुनाव में अनुचित लाभ उठाया जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर सूची को दुरुस्त करवाना चाहिए और उन जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों की पहचान करनी चाहिए जिनकी लापरवाही से यह गंभीर चूक हुई है।