गोरखपुर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने 721.40 करोड़ रुपये की विशाल सीवरेज परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जो शहर की स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को नया आयाम देगी।
- परियोजना की कुल लागत 721.40 करोड़ रुपये है।
- इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और अपशिष्ट जल प्रबंधन में सुधार करना है।
- राज्य सरकार ने इस बड़ी परियोजना को अपनी मंजूरी प्रदान की है।
- इससे शहर में प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
- यह परियोजना गोरखपुर को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
गोरखपुर शहर लगातार विकास की राह पर अग्रसर है, लेकिन बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण सीवरेज और अपशिष्ट जल प्रबंधन एक गंभीर चुनौती बना हुआ था। शहर के कई हिस्सों में मौजूदा सीवरेज प्रणाली पुरानी और अपर्याप्त थी, जिसके चलते जलभराव, गंदगी और नदियों में प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही थी। नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक व्यापक और आधुनिक सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब इस बड़ी परियोजना की मंजूरी से पूरा किया जा सकेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से गोरखपुर की सूरत बदलने की उम्मीद है। यह न केवल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक मजबूत और आधुनिक सीवरेज नेटवर्क बिछाएगी, बल्कि अपशिष्ट जल को उपचारित कर नदियों में स्वच्छ पानी छोड़ने में भी मदद करेगी। इससे राप्ती और आमी जैसी नदियों का प्रदूषण स्तर काफी कम होगा, जिससे जलीय जीवन और समग्र पर्यावरण को लाभ मिलेगा। बेहतर स्वच्छता से संक्रामक रोगों में कमी आएगी और नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा। यह परियोजना गोरखपुर को एक स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे भविष्य में पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।