पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश और लगातार भूस्खलन ने महाराजागंज सहित पूरे भारत से जाने वाले मुक्तिनाथ धाम के तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जोमसोम से मुक्तिनाथ तक का महत्वपूर्ण मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे हजारों श्रद्धालु फंसे हुए हैं या अपनी यात्रा स्थगित करने को मजबूर हैं।
- नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण जोमसोम-मुक्तिनाथ मार्ग बंद हो गया है।
- यह मार्ग महाराजागंज के रास्ते नेपाल जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- मार्ग अवरुद्ध होने से मुक्तिनाथ धाम के दर्शन के लिए निकले सैकड़ों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए हैं।
- स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।
- मार्ग खुलने में कई दिन का समय लग सकता है, जिससे यात्रा कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित होंगे।
मुक्तिनाथ धाम हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है, जो नेपाल के मुस्तांग जिले में स्थित है। भारत से, विशेषकर उत्तर प्रदेश के महाराजागंज और गोरखपुर जैसे सीमावर्ती जिलों से, हर साल हजारों श्रद्धालु इस धाम की यात्रा करते हैं। जोमसोम से मुक्तिनाथ तक का लगभग 20 किलोमीटर का पहाड़ी मार्ग इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसून के दौरान यह क्षेत्र भारी बारिश और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील होता है, और इस बार भी अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर चट्टानें खिसकने से मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।
मार्ग बंद होने से न केवल तीर्थयात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि जोमसोम और मुक्तिनाथ के आसपास के इलाकों में स्थानीय पर्यटन और व्यापार पर भी गहरा असर पड़ा है। कई होटल और गेस्ट हाउस खाली पड़े हैं, जबकि गाइड और टैक्सी चालकों का काम ठप हो गया है। नेपाल और भारतीय प्रशासन दोनों स्थिति पर करीब से नज़र रखे हुए हैं और मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग की स्थिति के बारे में नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं, जिससे यात्रा योजनाओं में बड़े बदलाव की संभावना है।