दिल्ली-एनसीआर में लंबे इंतजार के बाद मौसम ने करवट ली है। अचानक हुई बारिश ने जहां एक ओर ठंड की दस्तक का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर इसने क्षेत्र में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को भी काफी हद तक सुधार दिया है।
- बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
- न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है।
- मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर कम रहने की संभावना है।
- दिवाली से पहले राजधानी और आसपास के इलाकों में साफ हवा की उम्मीद जगी है।
- पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई इस बारिश ने धूलकणों और प्रदूषकों को नीचे बैठाया है।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार 'खराब' से 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई थी, जिससे लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था। खेतों में पराली जलाने और वाहनों के धुएं के कारण वायुमंडल में जहरीले कणों का जमावड़ा हो गया था। ऐसे में अचानक हुई इस बारिश ने एक बड़ी राहत प्रदान की है। इस मौसमी बदलाव ने न सिर्फ धूल और धुएं के कणों को नीचे बैठाया है, बल्कि हवा में मौजूद प्रदूषकों को भी काफी हद तक साफ कर दिया है।
इस बारिश का सबसे बड़ा असर आगामी दिवाली पर्व पर पड़ने की उम्मीद है। आमतौर पर दिवाली के आसपास पटाखों के धुएं और पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर चरम पर पहुंच जाता है। हालांकि, मौजूदा साफ हवा और ठंडे मौसम के पूर्वानुमान से उम्मीद जगी है कि इस बार दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट जारी रहेगी और हवा की गति भी सामान्य बनी रहेगी, जो प्रदूषकों को जमने से रोकेगी। यह स्थिति नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है और उन्हें स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर देगी।