शहर के प्रमुख मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के पास सड़क किनारे फैले अतिक्रमण को आज प्रशासन ने हटा दिया। इस कार्रवाई से न केवल मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं का रास्ता भी अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गया है।
- मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर लगे अवैध अतिक्रमण को हटाया गया।
- नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया।
- सड़क किनारे लगे ठेले, खोखे और अवैध दुकानें ध्वस्त की गईं।
- मरीजों और एम्बुलेंस के आवागमन में हो रही बाधा दूर हुई।
- अतिक्रमण मुक्त होने से यातायात व्यवस्था में सुधार आया।
पिछले कई महीनों से शहर के इस महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार के बाहर सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन गया था। छोटे-मोटे दुकानदारों और ठेले वालों ने फुटपाथ और सड़क के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर रखा था, जिससे न केवल यातायात बाधित होता था, बल्कि मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने में भी भारी परेशानी होती थी। एम्बुलेंस को भी अक्सर जाम में फँसना पड़ता था, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। स्थानीय निवासियों और अस्पताल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इस अतिक्रमण हटाओ अभियान से तात्कालिक रूप से सड़क पर आवागमन सुगम हुआ है। मरीजों को अब अस्पताल तक पहुँचने में कम समय लगेगा, और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया गति में सुधार होगा। यह कार्रवाई शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में इस क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए नगर निगम ने निगरानी बढ़ाने की बात कही है। साथ ही, प्रभावित छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थानों पर विचार करने का आश्वासन भी दिया गया है, ताकि उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।