कुशीनगर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। स्थानीय लूना हॉस्पिटल में सभी प्रकार के ऑपरेशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जिसके बाद मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया है।
- लूना हॉस्पिटल में ऑपरेशन संबंधी सभी कार्य निलंबित किए गए हैं।
- यह कार्रवाई जिला स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर हुई है।
- अस्पताल के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत के बाद जांच चल रही है।
- मरीजों को अब ऑपरेशन के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
- जांच पूरी होने तक ऑपरेशन पर लगी रोक जारी रहेगी।
कुशीनगर शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में से एक लूना हॉस्पिटल पर यह गाज जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा गिराई गई है। विभाग को अस्पताल के संचालन, इलाज की गुणवत्ता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं से संबंधित कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के आदेश पर ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है और सभी तरह के सर्जिकल प्रोसीजर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
लूना हॉस्पिटल में ऑपरेशन पर लगी इस रोक से उन मरीजों को सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही है, जिनकी सर्जरी पहले से तय थी या जिन्हें आपातकालीन ऑपरेशन की ज़रूरत है। उन्हें अब आनन-फानन में अन्य सरकारी या निजी अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे उनके इलाज में देरी और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक अस्पताल सभी मानकों को पूरा नहीं करता और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। इस कदम से जिले में अन्य निजी अस्पतालों पर भी नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा।