गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमटीयू) के एक शिक्षक ने अपनी अनूठी खोज के लिए पेटेंट प्राप्त कर शहर का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय और गोरखपुर के बढ़ते कद को दर्शाती है।
- एमएमएमटीयू के प्रोफेसर डॉ. आलोक कुमार को मिला पेटेंट।
- यह पेटेंट 'स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली' के लिए प्रदान किया गया है।
- यह प्रणाली ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी।
- तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा।
- विश्वविद्यालय और गोरखपुर के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. आलोक कुमार ने वर्षों के शोध और अथक परिश्रम के बाद यह सफलता हासिल की है। उनका आविष्कार, एक 'स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली', विशेष रूप से औद्योगिक और घरेलू उपयोग में ऊर्जा की खपत को अनुकूलित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके वास्तविक समय में ऊर्जा प्रवाह को नियंत्रित करती है, जिससे अपव्यय कम होता है और परिचालन लागत में बचत होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमेशा अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित किया है, जिसके परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय उपलब्धि सामने आई है।
इस पेटेंट का मिलना न केवल डॉ. आलोक कुमार के लिए बल्कि पूरे एमएमएमटीयू परिवार और गोरखपुर शहर के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। 'स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली' का व्यावसायीकरण होने पर यह देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है, साथ ही हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकती है। स्थानीय उद्योगों को भी इस तकनीक से लाभ मिल सकता है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और लागत घटेगी। यह पेटेंट गोरखपुर को तकनीकी अनुसंधान और विकास के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।