महराजगंज जिले में राजस्व निरीक्षकों (आरआई) की एक अहम पर्यवेक्षण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संबंधी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता लाना तथा जनसामान्य को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
- लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
- भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
- अवैध कब्जों और अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई के लिए रणनीति बनी।
- जनहित में राजस्व सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
- आगामी राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह बैठक राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। बैठक में जिले के सभी राजस्व निरीक्षक और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसका मुख्य उद्देश्य तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी समस्याओं, विशेषकर भूमि विवादों और भू-अभिलेखों के रखरखाव में आ रही चुनौतियों का समाधान खोजना था। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सरकार राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
इस बैठक के सकारात्मक परिणाम जल्द ही जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकते हैं। राजस्व निरीक्षकों को मिले स्पष्ट निर्देशों से भूमि संबंधी विवादों के निपटारे में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। डिजिटलीकरण पर जोर देने से भू-अभिलेखों की शुद्धता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। यह पहल महराजगंज जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में सहायक होगी, जिससे नागरिकों को समय पर और बिना किसी परेशानी के राजस्व सेवाएं मिल सकेंगी।